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भूख की कीमत | Hindi Story

भूख की कीमत

फ़टे कपड़े और टूटी चपल और  काँधे पर  कचरे का थैला उठाएं नन्हा सा लड़का खाने की तलाश में यहां वहां घूम रहा था कि तभी उसके सामने उसे एक मिठाई  वाली की दुकान देखी और उसने देखा कि दुकान वाला किसी और से बात करने में व्यस्त है पेट की उस भूख ने उसे चोरी करने के लिए मजबूर कर दिया
धीरे से दुकान के पास गया और जैसे ही उसने मिठाई लेने की कोशिश की कि तभी मिठाई वाले की नजर उस पर चली गई और उसने उसका हाथ पकड़ लिया
और चिल्लाते हुए कहा
"चोर, चोरी करता है।"

भूख की कीमत | Hindi Story
भूख की कीमत | Hindi Story
यह कहते हुए वह उस बच्चे को कसा कसा के तमाचा मारता रहा।
नन्हा मासूम बच्चा उसके सामने गिड़गिड़ाता रहा माफी मांगता रहा। लेकिन वह मिठाईवाला रुका ही नहीं।
तभी पास वाले एक और मिठाई वाला उसके पास आया और उस मिठाई वाले के उसकी कान में कुछ कहा उसे सुनने के बाद उसने उस छोटे बच्चे को छोड़ दिया।
उस मिठाई वाले के चेहरे पर एक मुस्कान थी उसने मुस्कुराते हुए कहा
       "अरे!, अरे!  रोते नहीं हैं। अच्छा भूख लगी है।"
उस नन्हें बच्चे ने रोते हुए सर हिलाया उस मिठाई वाले ने अपने खाने के डब्बे में से एक रोटी निकाली और उसके हाथों में थमा दी।

उस नन्हे बच्चे ने अपने आंसू साफ किए और तेजी से उस रोटी खा गया।
यह देख उस मिठाई वाले ने हंसते हुए कहा :-
"देख, एक मिठाई और ₹ 2 भी दूंगा। बस तुझे एक काम करना।"
यह सुनकर उस नन्हे बच्चे के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई उस बच्चे ने कहा
       "हां हां क्या काम है मैं कर दूंगा।"
जैसे ही उसे वह काम बताया उसने वह काम मना कर दिया तब यह देखकर वह मिठाईवाला गुस्सा हो गया और उसने चिल्लाते हुए कहा
 "जो अभी तूने रोटी खाई है उसकी कीमत कौन देगा चल तुझे यह काम तो करना ही पड़ेगा।"

यह कहते भी उस मिठाई वाले ने उसका गिरेबान पकड़ा और खुले गटर के सामने खड़ा कर दिया और कहा
"देख ,कर ना ही क्या है। इस गटर में कुछ फंस गया है जिसकी वजह से सारा पानी बाहर आ रहा है। इसकी वजह से मेरी दुकान के सामने यह गंदा पानी जमा हो रहा है। जा इस गटर में जा और यह ले डंडा जो भी फंसा है उसे बाहर निकाल दे और इस गटर को साफ कर दे।"

उसे मजबूरन गटर साफ करने के लिए मजबूर कर दिया छोटी उम्र और छोटी कद होने की वजह से जैसे ही वह उस गटर में उतरा तो घुटने और हाथों की हथेलियां छिल गए थे एवं उसके पांव का अंगूठे का नाखून टूट गया था और वहां से खून बह रहा था वह काफी देर तक रोता और चिल्लाता रहा कि
"मुझे यह नहीं करना है।"

काफी मशक्कत के बाद जब वह उस गटर से बाहर आया तो उसने हाथ फैलाते हुए रोते हुए  मिठाई वाले से कहा:- "मिठाई और ₹2 देना।"
उसके जिस्म से बदबू आ रही थी इसलिए मिठाई वाले ने अपना नाक को दबाते हुए कहां:- "जा कुछ नहीं मिलेगा काम सही से करता तो मिल भी जाता।"
इतना कहते हुए उसने उसे मिठाई वाले ने उसे धक्का देते हुए कहां:- "रवाना हो जा यहां से"
और वह नन्हा बच्चा जिसके जिस्म से खून निकल रहा था वह बस वहां पर रोता बिलखता  ही रहा।

तभी एक व्यक्ति उस भीड़ में से आया ओर उस बच्चे को सँभालते हुए कहा :- "ये सब क्या है?"
यह सुन उस मिठाई वाले ने कहा:- "अरे गुप्ता जी रहने दीजिये आइये आप अपना आर्डर ले लीजिये।"
यह सुन गुप्ता जी ने कहा रहने दीजिये, कैंन्सेल कर दीजिये।"
यह सुन वो मिठाई वाला गुस्सा हो गया और उसने कहा:-
"अरे, क्या गुप्ता जी , हप्ते भर की मेहनत हैं।"
ये सुन गुप्ता जी ने कहा:-
 "अच्छा, खुद की मेहनत की परवाह हैं और आप जो इस गरीब की मेहनत अदा नही कर रहे हैं। क्या यह सही हैं और मजबूरन जबरदस्ती इसे इस गन्दे गटर में जाने के लिये मजबूर कर दिया क्या यह सही हैं?"
यह सुन उस मिठाई वाले की गर्दन  शर्म से नीचे हो गई।
फिर उस मिठाई वाले ने फट से मिठाई और ₹2 का नोट उस बच्चे की तरफ आगे कर दिया। यह देख गुप्ता जी ने कहा:-
"जाइये पहले साफ पानी और मरहमपट्टी लाइये।"

फिर गुप्ता जी ने उसे साफ पानी से साफ किया और उसके जख्मों पर मरहमपट्टी करी।
और उसे मिठाई और ₹2 भी दिये। फिर अपनी जेब से 100 रुपये का नोट उस बच्चे के हाथों में थमा दिया, अतः यह देख उस बच्चे के चेहरे पर खुशी आ गई।

शिक्षा :- किसी के साथ भी बुरा करने से पहले ये सोचना चाहिए कि अगर कोई हमारे साथ यह करे तो हम क्या महसूस करेंगे

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