.

जुर्म से लोहा लेने वाली आज की नारी - कहानी

जुर्म से लोहा लेने वाली आज की नारी 


खुशी से झूमता हंसता हुआ दोनों हाथों को जोड़ते हुए मदन बृजमोहन के पैरों पर गिर पड़ा और चिल्लाते हुए कहा:- “भाऊ भाऊ अब तो आपका ही जलवा है इस बार के इलेक्शन में आप ही जीतोगे।“
यह सुन बृजमोहन ने मदन के सर पर एक हाथ रख दूसरा हाथों से मेज पर पड़े एक नोटों के बंडल को लेकर मदन के पैरों के आगे फेंकते हुए कहा:-
 "यह हुई ना अच्छी बात, यह ले बख्शीश। बस ऐसी तैयारी करके जीत हमारी ही हो।"
मदन ने नोटों के बंडल को देखा और फिर नोटों के बंडल को कसकर पकड़ते हुए मदन ने खुशी में बृजमोहन के पैर और कस के पकड़ लिए।

जुर्म से लोहा लेने वाली आज की नारी - कहानी
जुर्म से लोहा लेने वाली आज की नारी - कहानी
बृजमोहन ने मदन की तरफ देखते हुए मुस्कुराते हुए कहा:-
"देख तू मेरा खास आदमी है।मैं चाहता हूं कि तू आस-पास के गांव में प्रचार के पेपर गांव की हर कोने में चिपका देना। हमारे आदमी भी ले जाना। ताकि वह मेरे नाम के नारे लगा सकें और पैसे कपड़े खानपान की चीजें भी बटवा देना ताकि सभी लोग हमारी तरफ हो सके।"
मदन ने एकदम से खड़े होकर नोटों के बंडल को अपनी जेब में डाला और दोनों हाथों को जोड़ मुस्कुराते हुए कहा:- “ठीक है साहिब।”

मदन झट से अपनी जीप में बैठे और तेजी से वहां से निकल गया। मदन ने चार-पांच घंटों में काफी सारा काम कर दिया। चार-पांच घंटों का सफर और इतना सारा काम के बाद मदन और उनके साथियों ने आराम करना ही थोड़ा सही समझा।तभी थकान दूर करने के लिए उन सभी ने शराब की बोतल मंगाई और शराब पीना शुरू कर दी काफी देर पीने के बाद वापस सभी जीप में बैठे।
मदन ने कुछ ज्यादा ही शराब पी रखी थी धीरे धीरे और शराब का नशा इतना था कि मदन से गाड़ी सही से चली नहीं जा रही थी कि तभी अचानक से मदन के हाथों से स्टेरिंग व्हील रॉन्ग साइड की तरफ मुड़ गया और गाड़ी एक और बाइक से जा टकराई।
मदन का सर जोर से दुख रहा था।

 मदन ने रोते बिलखते और चिल्लाने की आवाज सुनी उसने अपनी हल्की सी आंख खोलकर देखा।
तो सामने एक महिला बहुत जोरों से रो रही थी सभी उस जीप से बाहर उतरे तो मदन ने देखा कि बाइक पर बैठा व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो चुका है और एक वृद्ध महिला जिसके जिस्म से खून निकल रहा था वह भी जोरों से रो रही थी।

मदन को अपने सामने खड़ा देख वह वृद्ध महिला गुस्से में खड़ी हुई और उसने मदन का गिरेबान पकड़ लिया और गुस्से में कहा:-
“यह तुमने क्या कर दिया मेरे इकलौते बेटे का देखो तुमने क्या हाल कर दिया है हम गरीब लोग हैं तो क्या तुम इस बात का फायदा उठा दोगे।”
मदन कुछ कह पाता तभी उस महिला ने मदन को जरा सा धक्का दे दिया इस बात से गुस्से में आकर मदन ने जोरदार एक लात उस औरत महिला को मार दी।
वह महिला गिरने जा रहे थे कि तभी एक औरत ने उन्हें संभाल लिया और इस तरह का दुर्व्यवहार देखते हुए उस महिला ने उस वृद्ध महिला को जरा सा हटाते हुए तेजी से मदन के पास जाकर एक जोरदार थप्पड़ उसके कानों के यहां झड़ दिया।

और चिल्लाती हुए कहा क्या तुम्हें शर्म नहीं आती एक  वृद्ध महिला के साथ इस तरह का बर्ताव करते हुए और शराब के नशे में तुमने पहले ही इनका काफी नुकसान कर दिया है।
मदन गुस्से में चिल्लाता हुआ कहां:- “अबे जानती नहीं है, तूने किसके ऊपर हाथ उठाया है, जानती है मैं क्या कर सकता हूं और मेरे ऊपर हाथ उठाने का क्या अंजाम हो सकता है।“
उस महिला ने मदन का गिरेबान पकड़ते हुए कहा:- “बोल कौन है तू।” मदन ने तीखी मुस्कुराहट के साथ घमंडके साथ अपना कॉलर ऊपर करते  हुए कहां:-
“हर बार जीतने वाले बृजमोहन जो अभी इलेक्शन में खड़े हैं उनका आदमी हूं , और तुम्हें पता नहीं है कि मैं क्या कर सकता हूं?”
यह सुन उस महिला ने कहा:-
“तो क्या सत्ता का घमंड है तुम्हें ,भूलों मत इन गरीबों पर तुम इतना अत्याचार कर रहे हो। उनके पास भी मतदान देने की शक्ति है वही तुम्हें सत्ता की शक्ति देते हैं।ताकि तुम उनके हित में और उनके लिए काम कर सकूं।”

यह सुनकर मदन ने तेजी से उस महिला का हाथ अपने गिरेबान से हटवाया और जीप में मुस्कुराकर बैठकर कहां:-
“हमारे पास इतना पैसा है कि हम कुछ भी खरीद सकते हैं।”
इतना कहते हुए मदन वहां से चला गया। मदन ने बृजमोहन को सारा किस्सा बता दिया।सारीबात सुनने के बाद बृजमोहन ने हंसते हुए कहा:-
“अरे तुम तो क्या थी छोटी सी बात में घबरा रहे हो। उस महिला को हम इलेक्शन खत्म होने के बाद देख लेंगे।”
कुछ दिनों बाद इलेक्शन खत्म हो गए और आखिरकार इलेक्शन का रिजल्ट आने का वह दिन आ ही गया। बृजमोहन पहले से ही मुस्कुरा रहा था उसे पूरा भरोसा था कि वह इलेक्शन में जीतेगा और मदन भी पहले से ही खुश था।

कुछ ही देर में इलेक्शन का रिजल्ट, कि तभी मदन ने बृजमोहन के पास जाकर कहा:-
“भाऊ यह वही है जो उस वक्त बहुत ज्यादा बोल रही थी और इसी ने मेरे ऊपर हाथ उठाया था।”
यह सुनकर बृजमोहन ने तीखी नजरों से उस महिला को तरफ देखा और धीमी आवाज में मदन को कहा
"थोड़ी देर रुक जा, फिर देखते हैं उसको।"
कि तभी कुछ ऐसा सुनाई दिया जिससे कि बृजमोहन और मदन दोनों हक्के बक्के रह गए।
मदन ने चौकते हुए बृजमोहन से कहा
“भाऊ यह क्या हम इलेक्शन कैसे हार सकते हैं?”

तभी वह महिला बृजमोहन के पास आई और उसने कहा
“देखा आखिरकार तुम लोगों का अहंकार टूट गया बड़ा घमंड था। तुम दोनों को सत्ता के शक्तियों को लेकर, सत्ता की शक्तियों ने तुम्हें अंधा कर दिया था।
और इलेक्शन के समय में लोगों को अपनी तरफ करने के लिए रिश्वत के तौर पर जो तुम उन्हें कपड़े और पैसों के लालच देने के जुर्ममें तुम दोनों को गिरफ्तार करती हूं।”

यह सुन बृजमोहन और मदन दोनों के दोनों चौक गए बृजमोहन ने घबराहट में धीरे से कहा
“जी आप कौन हैं?”
यह सुन उस महिला ने कहा
"मैं एक आईपीएस ऑफिसर हूं और हमें इस बात की सूचना थी कि वोट लेने के लिए लोगों को लालच दी जा रही है। तभी से हम लोग तुम सब पर निगरानी रख रहे थे और उस दिन मदन ने तुम्हारा सच बता ही दिया।"
यह सुन दोनों का घमंड चकनाचूर हो चुका था।

Post a Comment

0 Comments