.

Top 10 Best social media viral "बेवफा शायरी" in hindi

बेवफा शायरी 

Top 10 Best social media viral "बेवफा शायरी" in hindi
Top 10 Best social media viral "बेवफा शायरी" in hindi 

1. तुम्हें क्या पता कि हमारी रूह कितनी रुहासा हो गई थी
और हमारी जिंदगी तन्हाई के सफर में चलते चलते उदास हो गई थी
फिर तुम्हारे झूठे निकलने के बावजूद भी क्यों तुम्हारे संग बिताए उन पलों का बोझा उठा रहे थे
क्यों फिर पता है कि तुम नहीं आओगे फिर भी अपनी आंखों में तुम्हारे आने के ख्वाब बैठा रहे थे





2. उसके प्रेम भरे अल्फ़ाज़ जब पढ़ें तो अक्षु गीले हो गए सोचा कि कोई इस कदर भी प्रेम को दिल में दबाए कोई इतनी मोहब्बत कर सकता है
और कोई इतना खुदगर्ज है कि वक्त की दुहाई देते हुए सिर्फ शिकवे गिले कर सकता है




3. जा कर ले दिल खोल के नफरत अब मुझसे जानती हूं
कि मुझसे नफरत करता है
तू सफर में मेरे साथ है
या नहीं मुझे इस बात से मुझे कोई नहीं फर्क पड़ता है
मेरी यह हालत यह है कि कहोगी मुझसे
तो प्यार कर लूंगी
और कहोगे तो तुम्हारे बिना ही सफर पार कर लूंगी




4. तुमने भी किसी को अपने पैरों से रौंदा है
तो क्या यह कहना जायज नही
कि यह प्यार नही सौदा है




5. क्यों किसी को अकेला करने पर
मजबूर कराने के लिए बह आते हो
तो क्या यह कहना जायज नहीं
की खुद अकेले हो यह नहीं कह पाते हो





6. तुमने भी किसी को लूटा है
तो क्या यह कहना जायज नहीं
की तुम्हारी रूह का परिंदा तुमसे रूठा है




7. छोड़ कर चले गए हमें क्योंकि तुम्हें लगा कि हमारा इश्क झूठा था
तुम्हें क्या मालूम कि तुम्हारे वजह से हम से कौन कौन रुठा था





8. सोच कर ही हैरान है बड़ा ही बेकार सा बहाना बना कर चले गई कि मोहब्बत है किसी और से भी तुम कर सकते हैं क्या हमारा प्यार जट से बदल जाता इतना नहीं हमारा प्यार खोटा था
हमें विश्वास नहीं होता कि हम भी किस से प्यार करते थे जिसका दिल कितना छोटा था





9. जरूरी तो नहीं कि मैं अपनी हर बात तुमसे कहूं जरूरी तो नहीं कि मैं  किसी सहारे के साथ रहूं
हर वक्त रात अपनी आंखों से अश्कों को बहने देती  हूँ
नहीं चाहिए मुझे किसी का साथ इसलिए हमेशा खुद को तन्हाई में रहने देती हूँ





10. ना जाने क्यों मैं तुम्हें किसी दर्द में दिखती हूं
चलो आज मैं तुम्हारे बारे में लिखती हूं
यह ना जाने क्या-क्या बातें करता है
इसके लिए अपनी दिल में हमदर्दी रखने के बाद दिल इससे बिछड़ने से डरता है




11. जरूरी तो नहीं कि मैं अपनी हर बात तुमसे कहूं जरूरी तो नहीं कि मैं  किसी सहारे के साथ रहूं
हर वक्त रात अपनी आंखों से अश्कों को बहने देती  हूँ
 नहीं चाहिए मुझे किसी का साथ इसलिए हमेशा खुद को तन्हाई में रहने देती हूँ




12. या तो अपने सपनों को पूरा कर जाऊंगी
या तो तन्हा इस सफर में अकेले ही चलती हुई आखरी में मर जाऊंगी




13. ना जाने क्यों मैं तुम्हें किसी दर्द में दिखती हूं
चलो आज मैं तुम्हारे बारे में लिखती हूं
यह ना जाने क्या-क्या बातें करता है
इसके लिए अपनी दिल में हमदर्दी रखने के बाद दिल इससे बिछड़ने से डरता है

Post a Comment

0 Comments