.

खैनी, गुटखा, पान, तंबाकू, शराब.. पर कविता | Hindi Social Issues...

"गुटखा"

खैनी गुटखा पान तंबाकू शराब जितना गंदा है
लेकिन करोड़ों लाखों का धंधा है

इन सब से जिस्म खोखला हो जाएगा
मौत इंसान के पास नहीं इंसान खुद मौत के पास जाएगा

बुद्धिमान ऊर्जा युक्त शरीर अनगिनत बीमारियों का शिकार हो जाएगा
हष्ट पुष्ट यह शरीर लाचार और बेकार हो जाएगा

यह सब जहर है इनसे मनुष्य का शरीर छूटते देखा है
इन जहर से रिश्तो का का टूटते देखा है

क्यों इंसान को अपना ही है जिसमें नहीं प्यारा है
क्यों इसको छोड़ नहीं सकता क्यों उसकी लत से वह हारा है




Post a Comment

0 Comments