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दर्द | poem on pain in hindi

"दर्द" 

दर्द | poem on pain in hindi

तन्हाई का दर्द मैने सहा हैं
किस कदर दर्द में जी रहा हूँ यह मैंने नहीं मेरे हर एक अल्फाज़ो ने कहा हैं
 बहती हुई यादें अक्सर दिल को जंझोड़ कर देती है
तेरी बेरुखी सुखी आंखों को आंसुओं के झरने की तरफ मोड़ लेती है
तेरी जुदाई मेरे खालीपन हिस्से को हरा सा कर देती हैं
तेरा यू मुझे नजरअंदाज करने की अदा मेरे बेपनाह प्यार को बस जरा सा कर लेती हैं
बीते हुए तेरे संग लम्हे मेरी तड़पन को अक्सर मेरे सामने खड़ा कर लेते हैं
तेरा यू मुझ से बात ना करना मेरे जख्मों को और बड़ा कर लेते हैं
जी भर के ताउम्र तुझे देख कर और तेरी यादों में मेरा हर पल बीत जाए
बड़ी खुशी खुशी मेरी मोहब्बत को हारने दूंगा अगर इसके चलते तू जीत जाए
इतना बेपनाह प्यार करने से दूर कियु किया
इतना करीब आकर वापस जाने को मजबूर कियु किया

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