.

दर्द भरी शायरियां | shyari on pain in hindi

"दर्द भरी शायरियां"
      दर्द भरी शायरियां | shyari on pain in hindi

नजरों से घायल कर दिया "तुम्हारा कमाल बहुत अच्छा है"
 सब जानते हुए भी पूछती है "करते हो किसी से मोहब्बत?"
अब इसका जवाब क्या दें, बस हँसकर इतना कह कर उठ गए महफिल से की "तुम्हारा सवाल बहुत अच्छा  है"


बड़ा गुरूर था उसको  बेवक्त ही कतराती थी आखिरकार उसे कोई नहीं मिला सच्चा प्यार करने वाला खामखा ही अपने हुस्न पर इतराती थी
मोहब्बत अक्सर अधूरी कर आती थी
जिंदगी से तो पहले से ही खफा थे बची खुची कसर वह पूरी कर जाती थी



लाख बुरा जमाना हैं
ना रास्ते और परेशानी देख थमना हैं
बस कागज हैं कलम भी हैं ,लेकिन तेरी कमी खलती हैं
आज भी दिल मे मोहोबत की आग जलती है
      

 तुझ से छूट गया हूँ
 मानो मैं खुद से ही रूठ गया हूँ
नहीं लिख पाते हैं इस बात का नहीं रोना है
 और जब कोई है ही नहीं तो क्या डर से किसी को खोना है
   

 कोई ना पहचाने ऐसी शख्सियत  हो गया
 तुझ से बिछड़ ने का ख्वाब हकीकत हो गया
 और आंखों में आँसू अब वह वही है
लेकिन उसकी यादें तो पहले की तरह है पर अब वही नहीं है
     
           
                        

तू है दरिया तू बस बहता ही रहे
 साथ है  जमाना मेरे संग यह झूठ भले यह कहता ही रहे
इस वक्त में सब बह जाते हैं
यादें और तड़पन ही रह जाते है
है सताया है अगर तो गिराने की कोशिश  करें तू हो चुकी है पहले से ही काफी दूर अब अपने आप से ना  दूर कर
मुझे  अब ना और चकनाचूर कर
                

अब ना कोई हँसा दे
 अब बस ना कोई मोहब्बत के जाल में फंसा दे
क्या तुझसे मोहब्बत की इस बात पर क्या खुद को सजा दूं
 दिल तो मानता है क्यों चली गई तू आखिर क्या उसे वहजा दूँ
                   

Post a comment

0 Comments