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हॉन्टेड स्टोर रूम कहानी पार्ट 3| story on haunted store room part 3

"हॉन्टेड स्टोर रूम कहानी पार्ट 3"
  हॉन्टेड स्टोर रूम कहानी पार्ट 3| story on haunted store room part 3

"आप से निवेदन हैं कि इस कहानी के पार्ट वन और पार्ट 2 अवश्य पढ़ ले तभी आपको इस कहानी का यह भाग समझ आएगा"

शरद ने चिल्लाते हुए कहा "श्रद्धा क्या तुम ठीक हो?" लेकिन श्रद्धा शरद को धुरे जा रहे थे शरद बार-बार श्रद्धा से पूछ रहा था अचानक श्रद्धा ने कहा "उसे चाहिए, उसे चाहिए।"
शरद ने चौक ते हुए कहा "किसे चाहिए और क्या?"
श्रद्धा ने कमरे की तरफ अंगुली से इशारा करके चिल्ला हुए कहां "मैने उसे देखा हैं। उसने मुझ से बात की हैं। उसे अपनी मौत का बदला लेना है। उस कमरे के बाथरूम के अंदर बाथ टब के नीचे उसे  जिंदा दफना दिया गया और उसके दो बेटियों  को जिंदा सन्दूक में बंद उस बेडरूम के ऊपर वाले स्टोररूम में बंद कर दिया और वे दोनों उसी सन्दूक में घुट-घुट  कर मर गई।"
यह सुन शरद ने हैरान होते हुए कहा "क्या? देखो अभी भी तुम होश में नहीं हो।"
यह सुनने के बाद श्रद्धा ने कहा "नहीं, मैं अपने पूरे होशो आवाज में हूं और पर हमें इस घर से नहीं जाने देगी। जब तक हम उसके खूनी का पता लगा लेते।"
यह सब सुनने के बाद शरद ने कहा "ठीक है मैं तुम्हें नींद की गोली दे देता हूं अभी तुम सिर्फ आराम करो। यह सब बातें हम कल कर लेंगे।"
जैसे तैसे शरद ने श्रद्धा को शांत कराया और उसे नींद की गोली देखकर सुला दिया। शरद भले इन भूत प्रेत की बातों को नहीं मानता हो। लेकिन अपने आसपास हो रही है। सब हादसों को वह अनदेखा नहीं कर सकता था। भारी सांस लेते हुए शरद ने अपना लैंडलाइन पर एक नंबर डायल किया और उसे अपने कानों के पास जैसी लगाया। तभी पास वाले बेडरूम का दरवाजा हल्की सी आवाज करते हुए खुल गया और शरद को महसूस हुआ कि कोई उसके पीछे खड़ा है तो शरद ने फोन मेज पर उल्टा रख दिया। जैसे ही शरद ने पीछे मुड़ देखा तो कोई नहीं था। शरद ने हल्की लंबी सांस छोड़ जैसे ही वापस अपनी नजर मेज पर रखी तो उसने देखा कि फोन वापस से रिसीवर पर पड़ा है और नंबर पैड पर खून की छींटे पड़े थे। और तभी अचानक से धड़ाम से वो दरवाजा बंद हो गया यह देख कर वह चौक गया। शरद एकदम से उठा और उसने अपनी जेब से अपना फोन निकाला हुआ था किसी को फोन लगाया तभी अचानक फोन से आवाज आई "हेलो कौन?"
यह सुनकर शरद को जान में जान आई और शरद ने कहा "जी, मैं पैरानॉर्मल एक्सपर्ट और हॉरर राइटर जेम्स से बात कर रहा हूं।"
तभी फिर से फोन से आवाज आई "जी कहिए।"
यह सुनकर शरद ने हो रहे सभी हादसे जेम्स को बता दिए। यह सुनकर जेम्स ने कहां "ठीक है, मैं सवेरे आ जाऊंगा। लेकिन आप अपनी पत्नी का खास ख्याल रखेगा और उस बाथरूम और स्टोर रूम को अच्छी तरह से लॉक कर दीजिएगा। आज की रात आप अपने किसी दोस्त के घर या होटल में अपनी सोने की व्यवस्था कर दीजिएगा।"
यह सब सुनने के बाद शरद ने हां में जवाब दिया और फोन को वापस अपनी जेब में रख दिया। यह सुन शरद ने अपनी गाड़ी की चाबी ली और श्रद्धा को अपनी गोद में उठाया और उसी गाड़ी की पिछली सीट पर आराम से लिटा दिया और उस घर को लॉक कर दिया। अपनी गाड़ी शुरू की और तभी शरद को याद  आया कि उससे तो बाथरूम और स्टोर रूम का दरवाजा लॉक ही नहीं किया। आखिर इन बातों को छोड़ते हुए अपनी गाड़ी के एक्सीलेटर में पांव रखा और उसे दबा नहीं जा रहा था। तभी उसकी नजर साइड मिरर पर गई तो  उसने देखा कि एक साया उसे देख रहा है लेकिन इन सब बातों पर अनदेखा करते हुए शरद ने गाड़ी को तेजी से रफ्तार देते हुए वहां से निकल गया। थोड़ी देर के बाद शरद को प्यास लगने लगी शरद ने अपने ड्रॉ खोला। उसमें 3 वाइन की छोटी सी पॉकेट बोतल पड़ी थी। शरद ने उस वाइन की बोतल को खोल कर गटागट उसे पीने लग गया। ऐसे ही उसे पता ही नहीं चला कि वह कब तीनों बोतल पी गया। ज्यादा नशा होने की वजह से उसका बैलेंस गाड़ी से कम हो रहा है। शरद जैसे तैसे अपने ऊपर कंट्रोल रखा था। जैसे ही शरद ने अपने साइड में देखा तो वही साया वहीं पर खड़ा था। शरद ने फिर से अनदेखा करते हुए गाड़ी को और तेजी से भगा दिया। थोड़ी दूरी पर अचानक से शरद ने गौर किया कि गाड़ी की स्पीड बहुत बढ़ चुकी है। तभी शरद ने ब्रेक पर पांव दिया। लेकिन उसने यह महसूस किया कि ब्रेक दबाने पर भी गाड़ी की स्पीड कम नहीं हो रही है। थोड़ी देर के बाद अपने आप ब्रेक वाला गियर टाइट हो गया। शरद ने बहुत कोशिश की लेकिन ब्रेक्स तब दब ही नहीं रहे थे। तभी अचानक से शरद ने देखा कि वह साया बीचो बीच सड़क पर खड़ा है। यह देखते हुए शरद ने एकाएक गाड़ी स्टेरिंग व्हील दूसरी तरफ मोड़ दिया। गाड़ी आउट ऑफ कंट्रोल हो चुकी थी। तभी शरद ने अपने एक दोस्त को फोन लगाया। उसने उसे अपनी मदद के लिए आने के लिए कहा।तभी एक झटका लगा और शरद से उसका फोन गिर गया और शरद को सब कुछ धुंधला धुंधला सा दिख रहा था तभी शरद ने अपनी गाड़ी का पिछला दरवाजा खोला और श्रद्धा को पकड़ बाहर की तरफ धकेल दिया और तभी गाड़ी एक पेड़ से जा टकराई।

To be continue...

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