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हॉन्टेड होटल एंड मिस्ट्री ऑफ सेवन मर्डर -केस 1 । haunted hotel and mystery of seven murder-case 1

"हॉन्टेड होटल एंड मिस्ट्री ऑफ सेवन मर्डर-मर्डर मिस्ट्री केस-1"
हॉन्टेड होटल एंड मिस्ट्री ऑफ सेवन मर्डर- केस 1 । haunted hotel and mystery of seven murder- case 1

"आप से निवेदन हैं कि इस कहानी का पहला हिस्सा पढ़ लीजिए तभी आप यह भाग समझ पाएंगे।"

फिर शेखर ने कहा "जी यह रहे सभी गेस्ट। मिस्टर सुनील  और मिस रमा,मिस्टर विवेक  और मिस आशा , मिस रानी और उनकी मंगेतर अनिल,मिस्टर विकास और मिस वनिता और विवेक के भाई समीर और उनकी गर्लफ्रेंड मीरा, और मिस्टर लोकेश और मिस सरिता उनकी दो बेटियां देवी, दीक्षा। यह हैं 14 गेस्ट।
जिनकी डेड बॉडी पड़ी हैं वह सुनील सर की हैं।



    "मर्डर मिस्ट्री केस वन"
यह सुन जेम्स ने सभी को देखा और कहा "और शेखर जी आप के होटल के स्टाफ किधर हैं? जो सुनील के आस पास थे।"
शेखर ने कहा "जी यह रहे शेफ़ मनोज,हेयर्सस्टाइलर पंकज,बार बॉय जैरी, स्विमिंग गाइडर केली,वेटर बाबू हैं।"
तभी रुचि ने जेम्स को कहा "जिस तरह से शरीर पर घाव है मानो जैसे किसी ने खंजर से मारा है खूनी बड़ा ही चालाक है।
 खंजर पर किसी भी तरह के उँगलियों के निशान नहीं है और खूनी ने अपने दाहिने हाथ की मदद से हत्या की हैं।"
जेम्स और रुचि बात कर ही रहे थे कि तभी अचानक से लीला के फोन की घंटी बजी जिसे देख लीला ने रुचि से कहा "दी, मैं अभी आती हूँ।"
तभी जेम्स ने कहा
 "रमा जी ,आपको किसी पर शक हैं और आप यह बताइये की मरने से पहले  अचानक सुनील की पत्नी रमा ने कहा मिस्टर विवेक पर शक हैं सुनील के साथ उनके मतभेद थे।"
यह सुनने के बाद जेम्स ने कहा कि "किस तरह के मतभेद थे? और क्यो थे?"
 यह सुनने के बाद विवेक ने कहा "दरअसल हमारी कुछ कंपनी की डील लेकर छोटे-मोटे मतभेद हो गए थे। दरअसल अनिल हमारे यहां पर एम्पलाई है। उसकी सुनील सर के साथ कुछ तू तू मैं मैं हो गई थी और सुनील सर हमारी कंपनी में इन्वेस्टर के रूप में पैसे लगाना चाहते थे। लेकिन इस बहस के बाद उन्होंने हमारी कंपनी में पैसा लगाने के लिए मना कर दिया और हमारी कंपनी में सुनील सर के पैसे आने के चक्कर में पहले ही बहुत ही बड़ा प्रोजेक्ट हाथ में ले लिया है और तो उन्हें पैसा ना देना पड़े इसलिये उन्होंने वो उनके कॉन्ट्रैक्ट वाली फ़ाइल भी गायब करा दी। मुझे इस बात का भी शक था कि मेरे कमरे से उन्होंने ही वह फाइल को लिया होगा। इसीलिए  मैं सुनील सर को समझा रहा था।"
यह सुनकर जेम्स  ने कहा "ठीक है।"
जेम्स और रुचि अपनी इन्वेस्टिगेशन कर ही रहे थे कि तभी गुस्से में लीला आई और उसने वेटर बाबू को पकड़ा और कहा "तुम ही ने सुनील का मर्डर किया है।"
यह सुनकर बाबू चौक गया तभी लीला ने कहा "दरअसल तुम सुनील से बदला लेना चाहते थे। तुम्हारे पास उसकी हत्या का एक ठोस कारण था क्योंकि सुनील को इस बात पर शक था कि तुमने उसकी कमरे से बिना उसकी इजाजत के उसकी कीमती घड़ी को लिया है और चोरी की है।
सुनील ने इस लिये सब के सामने तुमारी बेज्जती की थी और तुमारे साथ हाथापाई भी की थी। तुमारे सर्वेंट कोटा के अंदर से तुमारे बैग से काफी सारे रुपये मिले हैं या तो तुमने उसे मारा हैं या उसको तुमने  मारने के पैसे लिए हैं। तुम्हे सीसीटीवी कैमरे में तुम्हे सुनील के कमरे से काफी सारे पैसे लेकर भागते हुए नजर आए हो और तुमने अपने आप को कबल से ढक लिया था।तुमारे कमरे की तलाशी के वक्त तुमारे यह मैले कपड़े मिले हैं जिस पर खून लगा हुआ है।"
 इस बात पर बाबू ने कहा "हाँ  मेमसाहब मेरी सुनील सर के साथ झगड़ा हुआ था। लेकिन फिर जब सुनील सर को जब अपनी धड़ी मिल गई तो उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुलाया और माफी मांगी। उन्होंने ही यह रुपये दिये हैं। मैं सुनील सर को कैसे मार सकता हूँ?"
मेरे तो दाहिने हाथ पर चोट लगी है यह चोट मुझे किचन में काम करते वक्त लग चुकी थी। जब मैं सब्जी काट रहा था। यह पैसे मुझे सुनील सर ने ही दिये थे।  इतने सारे पैसे थे मेरे पास ,मैं यह पैसे सुरक्षित अपने गाँव पहुँचना चाहता था। इसलिये मै जल्दीबाजी में आपको नजर आया। वैसे मैं कर्ज में डूबा हुआ हूँ। मैंने यहां बहुत से  लोंगो से पैसा उधार में लिया है इतने सारे पैसे अगर मैं यू ही बाहर लेकर धूमता तो कोई भी मुझ से यह पैसे मांग लेता। इसलिये मैं कमरे के बाहर कबल ढक कर आया था। "
यह सुन लीला ने कहा "तुम झूठ बोल रहे हो, जिसने तुम्हें इतना मारा-पीटा भला हो तुम इतने सारे पैसे क्यों देगा और उसने तुम्हें मारा और तुमारी बेज्जती करी और जब उसने माफी मांगी तो तुमने उसे माफ़ कर दिया। वैसे भी सब्जी जब काटते हैं तो सीधे हाथ से सब्जी पकड़ कर दाहिने हाथ से काटते हैं तो तुम को सीधे हाथ पर चोट आनी चाहिए। अगर तुम्हें वाकई चोट हैं तो हटाओ यह पट्टी।"
जब बाबू ने पट्टी हटाई तो उसके हाथों पर कोई जख्म का निशान नहीं था। यह देख कर रूचि ने थोड़ी दूरी पर लीला को बुलाया और कहां "तुम्हे इतनी इन्फॉर्मेशन कहा से मिली और तुमने इतनी इंफॉर्मेशन हमें क्यों नहीं बताइए और केस के वक्त ऐसी काफी सारे लोग मिलते हैं जो शक के दायरे में होते हैं उनसे इन्वेस्टिगेशन और इंटेरोगेशन करते हैं पर उसका भी एक तरीका होता है जिस तरह से तुम कदम उठा रही हो सकता है उससे असली कातिल और चौकन्ना हो जाएगा।"
यह सुन लीला ने कहा "देखिये मैं अपने तरीके से केस सॉल्व करना चाहती हूँ। मुझे जेम्स का तरीका समझ नही आता हैं और मुझे इतनी जानकारी मिली हैं। मैं अकेले ही सॉल्व कर लूँगी।"
यह सुन रुचि हैरान हो गई।
यह कह कर वह वहाँ से चली गई वापस वही जाने पर उसने लीला ने बाबू को देख कहा  "मेम, मै इतने शक के चलते इन्वेस्टिगेशन और इंटेरोगेशन के लिये हिरासत में लेना चाहती हूँ।"
यह सुन रुचि ने जेम्स को देखा तो जेम्स ने होले से सर हिला हां में उत्तर दिया।
 यह देख रुचि ने कहा "ठीक है मैं तुमको इस की प्रिमिशन देती हूँ।"
लीला ने बाबू को हिरासत में लेने के लिये ऑफिसर को बुलाया।
जब बाबू को ले जा रहे थे तब  जेम्स ने वहाँ के ऑफिसर से कहा "रुको मुझे कुछ  बाबू से बात करनी हैं।"
फिर बाबू से जेम्स ने बात करी। फिर बाबू को ऑफिसर ले गया।
बाकी सब को वापस उनके कमरो में भेज दिया गया।
तब रुचि ने जेम्स से पूछा "आखिर बाबू को तुमने ले जाने क्यों दिया?
"यह सुन जेम्स ने कहा "डरो मत,यह चाल तो मुज़रिम को पकड़ने के लिये हैं और जब मैने बाबू को देखा तो मुझे उस पर शक हुआ। पूछने पर उसने मुझे सब पता दिया। तब मैंने उसकी सब बात सुन जाना कि मुज़रिम का शायद बाबू को मार डालेगा। इसलिये यह सब मैने किया।"  
जेम्स ने रुचि को कहा "देखो बाबू, बेकसूर हैं। उसे बिना किसी ठोस सबूत ना मिल जाये। जब तक उस पर कोई करवाई नही होनी चाहिए और लीला को जो करना है उसे करने दिया जाये और सब प्लानिंग के मुताबिक ही हम काम करते हैं। शातिर को लग रहा हैं कि वह बच गया लेकिन वह जरुर पकड़ा जाएगा।अभी मुजरिम को लगने दो की उसकी चाल में हम फँस रहे हैं।"
 रूचि ने  कहा "ठीक है।"

To be continue...

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